द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 15 मई : बिहार सरकार के गृह विभाग ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए व्यापक तबादला अधिसूचना जारी की। जारी आदेश के तहत बिहार पुलिस सेवा के 50 से अधिक डीएसपी स्तर के अधिकारियों समेत कुल 61 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इसके साथ ही दो आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पटना स्थित पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में कई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) की नई तैनाती की गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को मुख्यालय में प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। सरकार ने इसे प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की नियमित प्रक्रिया बताया है।
सदर और अनुमंडल स्तर पर नई पोस्टिंग : तबादला सूची के अनुसार, नालंदा सदर (बिहार शरीीफ) के एसडीपीओ नूरुल हक को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (निरीक्षण) के पद पर पदस्थापित किया गया है। उनकी जगह आईपीएस अधिकारी संकेत कुमार को नालंदा सदर का नया एसडीपीओ बनाया गया है।
भागलपुर के कहलगांव : अनुमंडल में भी बदलाव किया गया है। यहां पंकज कुमार के स्थान पर सुश्री गरिमा को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से क्षेत्रीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
विशेष इकाइयों में भी बदलाव : गृह विभाग ने तकनीकी और विशेष इकाइयों में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पंकज कुमार को भागलपुर से स्थानांतरित कर विशेष निगरानी इकाई (SVU), पटना में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं प्रीतिश कुमार को सारण के सोनपुर से हटाकर मोतिहारी साइबर अपराध इकाई में अपर पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर प्राथमिकता दी है। इसके अलावा कई अधिकारियों को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो और अन्य विशेष शाखाओं में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
कई अधिकारी प्रतीक्षा सूची में : अधिसूचना में कई अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से मुक्त कर पुलिस मुख्यालय, पटना में अगले आदेश तक प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी नई नियुक्तियों के बाद उन जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे।
सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
