द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 12 मई। बिहार कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में मैराथन समीक्षा बैठकों का आयोजन किया। संगठन सृजन अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित इन बैठकों में प्रदेश के 53 सांगठनिक जिलों के अध्यक्षों, जिला पर्यवेक्षकों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन विस्तार, नई जिम्मेदारियों के वितरण और पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर पर संगठन सृजन का कार्य हर हाल में 5 जून तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा, “संगठन निर्माण के लिए तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करना सभी के लिए अनिवार्य है। अनुशासन के मामले में किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।”
प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 20 जून तक सभी जिला कमिटियों और प्रदेश कमिटी का गठन कर लिया जाएगा, ताकि संगठन को नए स्वरूप में मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जा सके।
बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु ने बैठक में संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “जो कार्यकर्ता मेहनत करेंगे, उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी जरूर मिलेगी, चाहे वे नए हों या पुराने। कांग्रेस में नए चेहरों को अवसर दिया जाएगा और सेकेंड लाइन लीडरशिप को आगे बढ़ाकर पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यभर में कांग्रेस की संपत्तियों पर अगर कहीं भू-माफियाओं का कब्जा है तो उसे हटाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की परिसंपत्तियों का उपयोग राज्य निर्माण और संगठन को मजबूत करने के काम में किया जाएगा।”
बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता मदन मोहन झा, कांग्रेस विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव शाहनवाज आलम, पूनम पासवान, तौकीर आलम, अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, कनेक्ट सेंटर के मिन्नत रहमानी, पूर्व डीजीपी करुणा सागर सहित सभी जिला अध्यक्ष, जिला पर्यवेक्षक और अन्य प्रमुख नेता शामिल रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन सृजन अभियान की प्रगति की समीक्षा करना, जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत बनाना रहा।
